मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पुनर्विकास का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस कार्य में अब तक 85 प्रतिशत प्रगति हासिल की जा चुकी है। रातभर चलने वाले अभियानों के कारण काम में तेजी आई है।
इस प्रक्रिया में लगभग 1,200 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। हाल ही में एक धार्मिक ढांचे को गिराने के दौरान हुई पत्थरबाजी की एक छोटी घटना में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। रेलवे ने बताया है कि अब क्षेत्र में कोई अन्य धार्मिक ढांचा नहीं बचा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुल 500 अवैध संरचनाओं को हटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अधिकांश को पहले ही नष्ट किया जा चुका है। हालांकि, कुछ कब्जे वाले लोग अब भी जगह खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें कानूनी रूप से हटाने के प्रयास में जुटा है।
1.31 एकड़ (लगभग 5,300 वर्ग मीटर) के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में पुनर्विकास का कार्य पूरा होने पर आधुनिक रेलवे स्टेशन की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस भूमि की बाजार मूल्य लगभग 600 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
रेलवे का अनुमान है कि इस अभियान में अभी दो दिन का काम बाकी है। तोड़फोड़ का कार्य आज भी जारी रहेगा। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
बांद्रा ईस्ट स्टेशन के पुनर्विकास परियोजना को मुंबई के रेलवे अवसंरचना को आधुनिक बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना के सम्पन्न होने के बाद स्टेशन क्षेत्र में बेहतर यात्री सुविधाएं, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज और व्यावसायिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने निवासियों से अनुरोध किया है कि वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें और अवैध निर्माण न करें। रेलवे का कहना है कि पुनर्विकास कार्य पूरी तरह से न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप किया जा रहा है।