'बॉलीवुड और साउथ में कोई अंतर नहीं', अभिमन्यु सिंह ने 'देवी' के चुनौतीपूर्ण किरदार का किया जिक्र

'बॉलीवुड और साउथ में कोई अंतर नहीं', अभिमन्यु सिंह ने 'देवी' के चुनौतीपूर्ण किरदार का किया जिक्र

अभिनेता अभिमन्यु सिंह अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए प्रसिद्ध हैं। चाहे वह खलनायकी का रोल हो या गंभीर पात्र, उन्होंने अपने अभिनय के जरिए दर्शकों का दिल जीता है। हाल ही में वह अपनी वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। इस दौरान उन्होंने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड और साउथ फिल्म उद्योग की कार्यशैली, अपने किरदार की तैयारी और 'इंस्पेक्टर अविनाश' के नए सीजन की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बातचीत की।

जब अभिमन्यु से यह पूछा गया कि कुछ अभिनेताओं का मानना है कि साउथ फिल्म उद्योग में अधिक अनुशासन और समय पाबंदी होती है, जबकि बॉलीवुड का माहौल भिन्न है, तो उन्होंने कहा, "मुझे इन दोनों के बीच कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं दिखाई दिया। बॉलीवुड में भी समय का ध्यान रखा जाता है। यहां भी बड़े पैमाने पर फिल्में पेशेवर सोच और मेहनत के साथ बनाई जाती हैं। दोनों इंडस्ट्री में मेहनती लोग हैं और शानदार काम हो रहा है।"

अभिमन्यु ने यह भी कहा, "मैं बॉलीवुड और साउथ सिनेमा को अलग तरीके से नहीं देखता। दर्शकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात फिल्म और कलाकार का प्रदर्शन है। अगर कहानी अच्छी है और अभिनेता अपनी भूमिका को ईमानदारी से निभाते हैं, तो भाषा या इंडस्ट्री का कोई अंतर नहीं रह जाता। वर्तमान समय में दर्शक हर प्रकार का कंटेंट देख रहे हैं और अच्छी फिल्मों को सभी जगह सराहा जा रहा है।"

वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में अभिमन्यु का 'देवी' का किरदार काफी अनूठा और चुनौतीपूर्ण था। इस भूमिका को निभाने के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को पूरी तरह से बदलना पड़ा।

उन्होंने कहा, "शुरुआत में मुझे यह समझने में कठिनाई हुई कि इस किरदार को कैसे निभाना है। इसके लिए मैंने कई घंटे अकेले बिताए और दूसरों से बातचीत करने से बचता रहा। मेरा मानना था कि किरदार की भावनाओं और मानसिक स्थिति को समझे बिना, उसे सच्चाई के साथ पर्दे पर नहीं ला सकता। कोई भी किरदार निभाते समय सिर्फ डायलॉग बोलना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके दर्द, सोच और भावनाओं को भी समझना जरूरी है।"

अभिमन्यु ने बताया कि इस भूमिका के लिए उनका शारीरिक बदलाव चुनौतीपूर्ण था। साड़ी पहनना, महिला के रूप में तैयार होना और उसे खुशी से निभाना सरल नहीं था। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ी। इस किरदार में धैर्य और समर्पण की आवश्यकता थी। दर्शकों ने उनके इस प्रयास को सराहा और उनके अभिनय की प्रशंसा की।