पटना, 23 मई। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बक्सर में वामनेश्वर नाथ जी के प्राचीन मंदिर में पूजा की और राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। इसी दौरान, उन्होंने रामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति की स्थापना का ऐलान किया। पूजा के बाद, मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में विकास कार्यों की स्थिति का अवलोकन किया और अधिकारियों से प्रस्तावित भूमि के ले-आउट के बारे में जानकारी ली। यह मंदिर बक्सर केंद्रीय कारा के बाहरी परिसर में स्थित है।
सीएम ने बक्सर केंद्रीय कारा में बंदियों द्वारा बनाई गई हस्तशिल्प व सामग्रियों की प्रदर्शनी का भी मुआयना किया। उन्होंने मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने बाबा श्री रामेश्वरनाथ जी मंदिर में पूजा कर राज्य की प्रगति और खुशहाली की प्रार्थना की। इस मंदिर की खासियत यह है कि यह भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित पहला शिवलिंग है। उन्होंने रामरेखा घाट पर हुए विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रामरेखा घाट में हुए जीर्णोद्धार और अन्य विकास योजनाओं की जानकारी दी।
रामरेखा घाट पर स्थापित होने वाली भगवान श्रीराम की प्रतिमा के साथ ही कंट्रोल रूम, पेयजल, पाथवे, चेंजिंग रूम और गंगा आरती से संबंधित योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर के रामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की मूर्ति की स्थापना का ऐलान किया। इसके बाद, उन्होंने लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से रामरेखा घाट पर लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार और महर्षि विश्वामित्र मंडपम का रिमोट के जरिए उद्घाटन किया।
उन्होंने लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स से रिमोट के माध्यम से महाराज कमल बहादुर सिंह की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
इस अवसर पर बक्सर के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विधायक संतोष कुमार निराला, विधायक आनंद मिश्र, विधायक राहुल कुमार सिंह, विधान पार्षद सोनू कुमार राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।