मुंबई, 24 मई। बकरीद के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार ने अवैध गोवंश तस्करी, गैरकानूनी बूचड़खानों और पशुओं के प्रति चल रहे अत्याचारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि गोमाता की तस्करी और अवैध कटाई किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में एक विशेष जांच अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। सभी क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को 25 से 28 मई के बीच त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
सरनाईक ने यह भी बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रयासों से राज्य में देशी गाय को 'राज्यमाता' का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय के लिए गोमाता श्रद्धा और संस्कृति का प्रतीक हैं, और अवैध तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने उल्लेख किया कि विशेष त्योहारों के समय गोवंश की तस्करी में वृद्धि होती है। पशुओं को भारी संख्या में वाहनों में ठूंसना, उन्हें भूखा रखना और अमानवीय तरीके से ले जाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुँचाता है।
परिवहन आयुक्त के कार्यालय द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों, मुंबई के मुख्य शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। पशुओं के परिवहन में लगे वाहनों के परमिट, प्रमाणपत्र और पशु कल्याण नियमों का गहराई से परीक्षण किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन करने वालों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। नियमों के खिलाफ चलने वाले पशु परिवहन वाहनों को तत्परता से जब्त किया जाएगा।
इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ - साथ स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, पशुपालन विभाग और विभिन्न गोसेवा एवं पशु कल्याण संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा। अवैध बूचड़खानों तक जानवरों की आपूर्ति रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।
सरनाईक ने कहा कि गोमाता की रक्षा केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि यह हिंदुत्व और सांस्कृतिक पहचान का प्रश्न है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बेजुबान जानवरों के प्रति अत्याचार करने वालों के खिलाफ सरकार कोई नरमी नहीं बरतेगी और गोसंरक्षण के प्रति पूरी तरह से संकल्पित है।
सरकार ने इस विशेष अभियान के तहत किए गए कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से मांगी है।