बच्चों के लिए बचत सिखाने के नवीनतम उपाय: जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट्स

बच्चों के लिए बचत सिखाने के नवीनतम उपाय: जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट्स

नई दिल्ली, 24 मई। आज के समय में माता-पिता यह समझते हैं कि उन्हें अपने बच्चों को बचत की महत्वता और पैसे के प्रबंधन की कला सिखाना जरूरी है। इसी के मद्देनजर, देश के कई प्रमुख बैंकों ने बच्चों और किशोरों के लिए विशेष जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट की पेशकश की है। इन खातों के माध्यम से बच्चे अपनी पॉकेट मनी को सुरक्षित रख पाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय ज्ञान भी प्राप्त कर सकते हैं। इन खातों में पैरेंटल नियंत्रण, डेबिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग, और खर्च की सीमाएं जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो अभिभावकों को अपने बच्चों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करती हैं। माता-पिता इन खातों में बच्चों के लिए पॉकेट मनी, रिश्तेदारों से मिले उपहार या पुरस्कार राशि डाल सकते हैं।

कोटक महिंद्रा बैंक ने बच्चों के लिए 'कोटक माय जूनियर अकाउंट' की पेशकश की है। यह खाते उन बच्चों के लिए हैं जो 18 साल से कम उम्र के हैं और इसमें कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की आवश्यकता नहीं होती। बच्चों को एक वैयक्तिकृत जूनियर डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसमें एटीएम से पैसे निकालने की सीमा होती है।

इस खाते पर बचत राशि पर ब्याज भी मिलता है। इसके साथ ही, बच्चों के लिए शॉपिंग, खाने और शिक्षा से संबंधित कई खास ऑफर्स भी उपलब्ध होते हैं। यह खाता भारतीय नागरिक बच्चों के लिए है, जबकि अभिभावक भारतीय या एनआरआई हो सकते हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा का 'बड़ौदा चैंप अकाउंट' भी बच्चों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। यह खाता 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए उपलब्ध है और इसमें जीरो बैलेंस रखने की सुविधा है।

इस खाते के जरिए स्कूल फीस का भुगतान करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है और फीस जमा करने के लिए हर महीने एक मुफ्त डिमांड ड्राफ्ट का विकल्प भी है। 10 साल से बड़े बच्चों को थीम-आधारित रुपे डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, और मोबाइल बैंकिंग की सुविधाएं मिलती हैं। इस खाते में अधिकतम 1 लाख रुपये तक की राशि रखने की अनुमति है।

इंडसइंड बैंक ने भी बच्चों में बचत की आदत विकसित करने के लिए 'इंडस यंग सेवर अकाउंट' की पेशकश की है। यह खाता 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध है। बच्चे खुद या अपने अभिभावक की निगरानी में इस खाते का संचालन कर सकते हैं।

इस खाते के साथ उन्हें कस्टमाइज्ड डेबिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधाएं, और व्यक्तिगत चेकबुक भी मिलती है। बैंक का उद्देश्य बच्चों को बचत और पैसे के प्रबंधन का ज्ञान देना है।

इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक का 'किड्स एडवांटेज अकाउंट' भी बच्चों के लिए आकर्षक विकल्पों में से एक है, जिसमें डेबिट कार्ड और चेकबुक के साथ पैरेंटल नियंत्रण होता है। अभिभावक बच्चों के खर्च की दिनचर्या पर भी नियंत्रण रख सकते हैं और लेनदेन को ट्रैक कर सकते हैं।

इस खाते के माध्यम से एटीएम से पैसे निकालना, एसएमएस अलर्ट, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा, बैंक शिक्षा बीमा कवर भी प्रदान करता है, जिससे किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बच्चे की पढ़ाई पर असर न पड़े।

आईडीबीआई बैंक का 'किड्स सेविंग अकाउंट' भी बच्चों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिसमें बैंक ने विशेष सेविंग अकाउंट की सुविधाएं उपलब्ध की हैं। इस खाते में बच्चों को एक विशेष डिजाइन वाला एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलता है।

हालांकि, इस खाते में न्यूनतम औसत बैलेंस की शर्त लागू होती है, लेकिन यह बच्चों के लिए बैंकिंग और बचत की शुरुआती समझ विकसित करने के लिए सहायक माना जाता है। इसमें एटीएम निकासी की सीमा भी निर्धारित होती है ताकि खर्च पर नियंत्रण बना रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों को बैंकिंग और बचत की आदतें सिखाना उनकी भविष्य की आर्थिक जिम्मेदारी के लिए मददगार साबित होता है। डिजिटल युग में ऐसे सेविंग अकाउंट बच्चों को सुरक्षित तरीके से पैसे का प्रबंधन और उपयोग सीखने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।