समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर की अदालतों में कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। शुक्रवार को पांच मामलों में दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए गए। अभी 50 से अधिक मामलों में रिहाई से जुड़ी प्रक्रिया बाकी है।
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से मिली जमानत
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहत दी थी। अदालत ने उनकी सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर ली, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। इसका मतलब है कि दोनों की सजा पर फिलहाल रोक है, लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार है। इस मामले में रामपुर की अदालत ने नवंबर 2025 में पिता-पुत्र को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। इस मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ था।
पांच मामलों में जारी हुए रिहाई के परवाने
मिली जानकारी के अनुसार, जमानतियों के दस्तावेजों का सत्यापन और दूसरी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने पांच मामलों में रिहाई के परवाने जारी किए हैं। आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने भी इसकी पुष्टि की है। दोनों के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों में अभी रिहाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 50 से अधिक मामलों में परवाने जारी होना बाकी है। ऐसे में सभी मामलों की कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही जेल से बाहर आने की स्थिति स्पष्ट होगी।
जमानतियों के दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी
दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बचाव पक्ष ने स्थानीय अदालत में जमानतियों के दस्तावेज जमा करा दिए हैं। इन दस्तावेजों का सत्यापन होना जरूरी है। सत्यापन और अदालत की बाकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस मामले में रिहाई का परवाना जारी किया जा सकेगा। इसी वजह से शुक्रवार को दोनों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं की ओर से बाकी मामलों में भी जमानत और रिहाई से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कराने की कोशिश की जा रही है।
2 नवंबर को ED से जुड़े मामले में सुनवाई
आजम खान की रिहाई के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े एक मामले पर भी नजर बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टांडा थाने में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मुकदमे में पुलिस ने अदालत में आजम खान की रिमांड की मांग की है। इस मामले में 2 नवंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और अलग-अलग मामलों में रिहाई के परवाने जारी होने के बावजूद आजम खान की जेल से अंतिम रिहाई कानूनी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।