अयोध्या में लव-कुश पार्क की भव्यता, 17.72 करोड़ रुपए में 'कचरे से कला' पर आधारित होगा विकास

अयोध्या में लव-कुश पार्क की भव्यता, 17.72 करोड़ रुपए में 'कचरे से कला' पर आधारित होगा विकास

अयोध्या, 24 मई। रामनगरी में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को नये स्तर पर ले जाने के लिए एक अनोखी योजना शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत रायबरेली राजमार्ग के निकट मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर में 17.72 करोड़ रुपए की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण होने जा रहा है। इस पार्क का विकास 'कचरे से कला' की थीम पर किया जाएगा, जिसमें रामायण की प्राचीन कथाओं को स्क्रैप मेटल की मूर्तियां, कलात्मक चित्रण और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। नगर निगम द्वारा संचालित यह पार्क पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एकजुट करने का प्रयास करेगा। इस परियोजना के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी की अवधारणा को नया रूप मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में अयोध्या को स्मार्ट सिटी में बदलने का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल ही में अयोध्या में आधारभूत संरचनाओं, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस दिशा में एक मजबूत कड़ी साबित होगा। 'कचरे से कला' की थीम इस परियोजना का मुख्य आकर्षण है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल का उपयोग करके अद्भुत मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाया जाएगा।

इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से आगंतुक इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, लव-कुश द्वारा घोड़े को पकड़ने की घटना को 3डी मॉडल और साउंड-लाइट शो के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। यह पार्क न केवल देखने के लिए होगा बल्कि सीखने का भी अवसर प्रदान करेगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। यह साबित करेगा कि कचरा केवल बोझ नहीं, बल्कि एक संसाधन भी हो सकता है। अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, और कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों का नया आकर्षण बनेगा।

रामायण की कहानियों से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर आध्यात्मिक और पर्यावरण के अनुकूल विकास का अनुभव करेंगे। पार्क में वॉकवे, बाग़, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सुरक्षा के आधुनिक इंतज़ाम होंगे। यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा मेल साबित होगी। आज जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, 'कचरे से कला' का संदेश अयोध्या जैसे पवित्र शहर से पूरे देश को प्रेरित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं। नगर निगम ने बताया कि निर्माण कार्य जल्द ही आरंभ होगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग कर तैयार किया जाएगा। इसके डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा गया है।

लव-कुश पार्क अयोध्या को धार्मिक नगरी के साथ-साथ सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह एक नया केंद्र होगा, जो 'कचरे से कला' के माध्यम से भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।