अयोध्या, 22 मई। अयोध्या में मौजूद प्राचीन कुंडों पर अवैध कब्जे का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पहुंच गया है। यह मुद्दा सुमित्रा कुंड और कौशल्या कुंड से संबंधित है, जहां स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण किया है। मामले की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाने की और कुंडों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। यह जनहित याचिका सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत और हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राजू दास द्वारा पेश की गई है। याचिका में मांग की गई थी कि अयोध्या सदर तहसील के बाग बिजैसी में स्थित पुरातन माता कौशल्या कुंड और माता सुमित्रा कुंड के संरक्षण के साथ-साथ वहां के सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।
राजू दास ने कहा कि लंबे समय से इन प्राचीन कुंडों की भूमि पर अवैध कब्जा हो रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भूमाफिया ने कुंड के चारों तरफ कब्जा कर लिया है और उनकी पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले भी प्रशासन को इस मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन तब कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी ने भी इन कुंडों की भूमि पर अवैध कब्जा किया है, तो उसे तुरंत हटाया जाए। इसके साथ ही प्रशासन को यह भी आदेश दिया गया है कि इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जाए ताकि उनकी पहचान और महत्व को बनाए रखा जा सके।
राजू दास ने साक्षात्कार में कहा कि याचिका में उल्लेख किया गया है कि पिछले चार दशकों से इन दोनों पौराणिक कुंडों तक पहुंचने के लिए मुख्य सार्वजनिक मार्ग आबादी क्षेत्र से होकर जाता रहा है। हाल ही में, दक्षिण दिशा में दो पानी की टंकियां बनाने के कारण आवास क्षेत्र से कुंड की सरकारी भूमि पर कब्जा हो रहा है, जबकि ये टंकियां विभिन्न वार्डों में स्वीकृत थीं। इसी वजह से सामुदायिक भूमि पर कब्जे की शिकायतें बढ़ी हैं। उनका कहना है कि धीरे-धीरे पूरा क्षेत्र घेर लिया गया और कुंडों का अस्तित्व संकट में पड़ गया।