असम विधानसभा सत्र की शुरुआत, विधायकों ने यूसीसी और महंगाई पर की चर्चा

असम विधानसभा सत्र की शुरुआत, विधायकों ने यूसीसी और महंगाई पर की चर्चा

गुवाहाटी, 21 मई। असम में नई सरकार के गठन के बाद आज विधानसभा सत्र का आरंभ हुआ। पहले दिन विधायकों को शपथ दिलाई गई। असम विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को 16वीं विधानसभा का सदस्य बनाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने यूसीसी को लागू करने की बात दोबारा उठाई। वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने बढ़ती महंगाई को प्राथमिक मुद्दा बताया।

भाजपा विधायक दिगंता कलिता ने विधानसभा परिसर में बातचीत के दौरान कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है। सभी विधायकों ने शपथ ली है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर पांच बार नमाज पढ़ने में कोई समस्या नहीं है, तो माइक पर नमाज पढ़ने में परेशानी है, जिससे अन्य लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। जब उचित समय आएगा, हम इस मामले में कार्रवाई करेंगे।

भाजपा विधायक डिप्लू रंजन सरमा ने बातचीत में कहा कि भाजपा के गठन के बाद से हम हमेशा जनता की सेवा में तत्पर रहे हैं। प्रदेश में यूसीसी को लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बारे में सभी चिंतित हैं। प्रधानमंत्री के साथ मिलकर हम इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सभी को यह भी समझाना चाहिए कि महंगाई का कारण क्या है।

भाजपा विधायक रूपाली लांगथासा ने कहा कि मैं पहली बार विधायक बनी हूं, इसलिए यह अनुभव मेरे लिए विशेष है। मुझे जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाने का प्रयास करूंगी और अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करूंगी।

कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूसीसी के मामले में कांग्रेस का दृष्टिकोण स्पष्ट है। हम सरकार की मंशा के खिलाफ हैं और हमें इस संदर्भ में कोई सूचना नहीं दी गई है। कांग्रेस के अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

महंगाई की समस्या को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की महंगाई से अन्य चीजों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। बाजार में ग्राहक कम हैं और दुकानदारों की स्थिति खराब है। हमारे लिए महंगाई ही सबसे महत्वपूर्ण विषय है।