गुवाहाटी, 20 मई। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी 'अमृत भारत एक्सप्रेस' ट्रेनें अब पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में उभर रही हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) द्वारा असम और पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्टेशनों से चलायी जा रही इन सेवाओं को यात्रियों से काफ़ी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है और कई मार्गों पर सीटों की मांग क्षमता से बढ़कर हो गई है।
एनएफआर के जनसंपर्क अधिकारी कपिनजल किशोर शर्मा ने बुधवार को कहा कि अमृत भारत एक्सप्रेस को देश भर के यात्रियों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों की उच्च ऑक्यूपेंसी और आमदनी यह दर्शाती है कि लोग इन्हें एक सस्ता, आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प मानते हैं।
जनवरी 2026 में शुरू हुई इन सेवाओं ने गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, अलीपुरद्वार जंक्शन और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ा है। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कई ट्रेनों में 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी देखी गई है, जो इन ट्रेनों की उच्च मांग को इंगित करता है।
वर्तमान में, एनएफआर के तहत असम और पश्चिम बंगाल में सात जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इनमें कामाख्या-रोहतक, डिब्रूगढ़-गोमती नगर, अलीपुरद्वार जंक्शन-एसएमवीटी बेंगलुरु, अलीपुरद्वार जंक्शन-पनवेल, कामाख्या-चारलापल्ली, न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये ट्रेनें पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। विशेष रूप से कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या इतनी अधिक रही कि इसकी ऑक्यूपेंसी 136 प्रतिशत तक पहुंच गई। डिब्रूगढ़-गोमती नगर ट्रैन में भी कई बार 140 प्रतिशत से ज्यादा की ऑक्यूपेंसी देखी गई है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इन ट्रेनों ने अब तक 1.78 लाख से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई है और 23 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय प्राप्त की है।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को प्रमुखता से आम यात्रियों के लिए विकसित किया गया है, जिनमें आधुनिक सजावट, बेहतर सुविधाएं, आरामदायक सीटिंग और किफायती किराया प्रदान किया गया है।
एनएफआर का कहना है कि ये ट्रेनें न केवल यात्रियों की सुविधा को बढ़ा रही हैं बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दे रही हैं। रेलवे ने आश्वासन दिया है कि आगे भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दी जाएगी।