'ऐसे कलाकार सदियों में 1 बार पैदा होते हैं', विशाल ददलानी ने आर. डी. बर्मन, किशोर कुमार और लता मंगेशकर को किया याद

'ऐसे कलाकार सदियों में 1 बार पैदा होते हैं', विशाल ददलानी ने आर. डी. बर्मन, किशोर कुमार और लता मंगेशकर को किया याद

मुंबई, 20 मई। टीवी के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में दर्शकों को एक भावनात्मक क्षण देखने को मिलेगा। आगामी एपिसोड में प्रतियोगी अंशिका फिल्म 'घर' के प्रसिद्ध गाने 'तेरे बिना जिया जाए ना' पर प्रदर्शन करेंगी, जिससे जज और दर्शकों के साथ-साथ संगीतकार विशाल ददलानी भी प्रभावित होंगे। इस गाने को महान गायक किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाया था, जबकि इसके संगीत का निर्माण प्रसिद्ध संगीतकार आर. डी. बर्मन ने किया था। इसके बोल शानदार गीतकार गुलजार ने लिखे थे। इस गीत को आज भी लोग खूब पसंद करते हैं।

जब अंशिका ने इस गीत का प्रदर्शन किया, तब सभी को पुराने संगीत की याद आ गई।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद विशाल ददलानी ने कहा, "पंचम दा (आर. डी. बर्मन) केवल एक संगीतकार नहीं थे, बल्कि संगीत की दुनिया में एक अद्वितीय शक्ति थे। किशोर दा, लता जी, आशा जी और गुलजार साहब जैसी शख्सियतें सदियों में एक बार ही पैदा होती हैं। उनके गानों में जो गहराई और दर्द होता है, वह आज भी लोगों के दिलों को छू जाता है।"

विशाल ने आगे कहा, "मुझे ये समझ नहीं आता कि कोई व्यक्ति इतनी गहराई से किसी के दिल की भावनाओं को कैसे छू लेता है। इन कलाकारों में एक विशेष ताकत थी, जिसके कारण उनका संगीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। हम हमेशा इन कलाकारों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करेंगे, क्योंकि हमारे लिए यही असली संगीत है।"

विशाल ने साझा किया, "इन महान कलाकारों से मैंने जीवन में बहुत कुछ सीखा है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे ऐसा संगीत सुनने और समझने का अवसर मिला। जैसे कोई अंतरिक्ष यात्री अनंत ब्रह्मांड को महसूस करता है, वैसे ही मुझे संगीत के साथ एक अद्भुत एहसास होता है। मेरे लिए संगीत की दुनिया की कोई सीमाएं नहीं हैं।"

शो में उपस्थित प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल भी अंशिका की प्रस्तुति से काफी प्रभावित रहीं। उन्होंने लता मंगेशकर के गायन की विशेषता के बारे में कहा, "लता जी गाने की लय, शब्दों और भावनाओं के साथ बेहद खूबसूरती से खेलती थीं। उनका गाने का तरीका बिल्कुल अलग था और वही अंदाज सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचता था। उनकी आवाज में जो मासूमियत और भावनाएं होती थीं, वही इस गीत की सबसे बड़ी ताकत है।"