चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन ने बुजुर्गों के लिए शुरू किया ‘प्रोजेक्ट सेवा’, देखभाल पर रहेगा फोकस

चंडीगढ़ सिटिजंस फाउंडेशन ने बुजुर्गों के लिए शुरू किया ‘प्रोजेक्ट सेवा’, देखभाल पर रहेगा फोकस

चंडीगढ़, 18 मई (आईएएनएस)। ट्राइसिटी के वरिष्ठ नागरिकों के साथ जुड़ाव और उनकी सहायता की दिशा में एक नई पहल करते हुए चंडीगढ़ नागरिक फाउंडेशन (सीसीएफ) ने ‘प्रोजेक्ट सेवा’ की शुरुआत की है। यह एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों की भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक जरूरतों को पूरा करना है। साथ ही मेडिकल इमरजेंसी के दौरान उन्हें सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीसीएफ ने इस परियोजना को पायलट आधार पर चंडीगढ़ के सेक्टर-27 डी में शुरू किया है। इसके लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), साझेदार कल्याण समितियों और स्थानीय निवासियों को भी जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ नागरिकों को समय पर मदद मिल सके। इस पहल का मुख्य फोकस 70 वर्ष से अधिक उम्र के उन बुजुर्गों पर रहेगा, जो अकेले रहते हैं या परिवार के साथ रह रहे हैं। सीसीएफ का उद्देश्य उनकी अकेलेपन की भावना को दूर करना, सामुदायिक जुड़ाव बढ़ाना और उन्हें दिनभर विभिन्न गतिविधियों में शामिल करना है। इनमें बागवानी, मंदिर दर्शन, पार्क में सैर और अन्य सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों के जरिए बुजुर्गों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल सीसीएफ के उस उद्देश्य के अनुरूप है, जिसमें कहा गया है कि “ऐसा पड़ोस बनाया जाए, जहां कोई भी बुजुर्ग खुद को अकेला महसूस न करे और जहां सम्मान, साथ और देखभाल रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हों।” इस पहल के तहत सेक्टर-27 डी में करीब 30 वरिष्ठ नागरिकों से आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और स्वयंसेवकों ने मुलाकात की तथा उन्हें सामुदायिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। सीसीएफ की टीम, जिसमें कई प्रतिष्ठित डॉक्टर भी शामिल हैं, ने बुजुर्गों की जरूरतों का आकलन किया और उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। इसके बाद अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों से नियमित मुलाकात के लिए पड़ोस के स्वयंसेवकों और परिवार के सदस्यों की व्यवस्था की गई, ताकि उनका अकेलापन कम किया जा सके। सीसीएफ ने चौबीसों घंटे चलने वाले “एक्टिविटी सेशन” भी आयोजित किए हैं, जिनमें इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार की गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ नागरिक आपस में जुड़ सकेंगे, बातचीत कर सकेंगे और हल्के-फुल्के पल साझा कर सकेंगे। गतिविधियों में भजन गायन, फिल्मी गीत, समसामयिक विषय।