मुंबई, 22 मई। अभिनेत्री रुबीना दिलैक माता बनने के पश्चात अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन साधने की कठिनाई का सामना कर रही हैं। उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स के चलते अक्सर घर से दूर जाना पड़ता है। इस दौरान, रुबीना ने अपने जुड़वां बच्चों से दूर रहने के दर्द को साझा किया। उनका कहना है कि बच्चों को घर पर छोड़कर जाना या उनसे दूर रहना अत्यंत कठिन होता है।
रुबीना इस समय रोहित शेट्टी के स्टंट-आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' के लिए दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में है।
बातचीत में उन्होंने कहा कि जब वह काम के दौरान बाहर होती हैं, तो उनकी बेटियां वीडियो कॉल पर रोते हुए "मम्मा आ जाओ, मम्मा आ जाओ" कहती हैं, जिससे उनका दिल टूट जाता है। भावुक होकर उन्होंने कहा, "वीडियो कॉल से बातें होती हैं, लेकिन शारीरिक निकटता का अनुभव नहीं हो पाता। उनकी वो आवाज सुनकर मेरे दिल को कष्ट होता है।"
रुबीना ने स्वीकार किया कि वे अभी भी यह समझने में लगी हैं कि कैसे मां बनने और करियर के बीच तालमेल किया जाए। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं इन दोनों के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर पाऊंगी। मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हूं। वास्तव में, कोई भी आपको मां बनने के लिए पूर्व में नहीं सिखाता। यह मेरी ही नहीं, बल्कि हर कामकाजी मां की समस्या है।"
भावनात्मक परेशानियों के बावजूद, रुबीना अपने काम से जुड़े सपनों को छोड़ने की इच्छा नहीं रखतीं। उन्होंने साझा किया, "इसका मतलब यह नहीं है कि हमें अपने बड़े सपने देखने से रोकना चाहिए। मैं अपने परिवार को लेकर आगे बढ़ना चाहती हूं और अपनी बेटियों को यह दिखाना चाहती हूं कि उनकी मम्मा ने अपने सपनों को उनके साथ रहकर ही पूरा किया।"
'खतरों के खिलाड़ी 15' के 40 दिनों के कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि मां होने का अनुभव हमेशा उनकी भावनाओं का एक कमजोर पहलू रहेगा। उन्होंने कहा, "मां बनने के बाद प्रकृति आपको बहुत अधिक सतर्क कर देती है। यह सुरक्षा की भावना कभी-कभी आपके खिलाफ भी काम कर सकती है। जबकि शो में अन्य प्रतियोगियों के लिए खतरे शारीरिक होते हैं, मेरे लिए सबसे बड़ा चुनौती भावनाओं पर नियंत्रण पाना होगा।"