‘दिल दीवाना’ से ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ तक, रामलक्ष्मण के गाने आज भी सुपरहिट

‘दिल दीवाना’ से ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ तक, रामलक्ष्मण के गाने आज भी सुपरहिट

मुंबई, 21 मई। प्रसिद्ध संगीतकार रामलक्ष्मण, जिन्होंने "मैंने प्यार किया", "हम आपके हैं कौन", और "हम साथ साथ हैं" जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन काम से पहचान बनाई, का निधन 22 मई 2021 को हुआ। उनका असली नाम विजय काशीनाथ पाटिल था और उन्होंने करीब 150 से अधिक फिल्मो में संगीत दिया, जिसमें हिंदी, भोजपुरी और मराठी शामिल हैं। उनकी पहचान मुख्य रूप से राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों में बन गई। दादा कोंडके ने उनके करियर की शुरुआत मराठी फिल्मों से की, जिसके बाद रामलक्ष्मण ने कई हिंदी फिल्मों में भी संगीत दिया।

रामलक्ष्मण एक ऐसी संगीतकार जोड़ी का नाम है, जिसने 80-90 के दशक की रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस जोड़ी में लक्ष्मण, अर्थात् विजय पाटिल, की मेहनत और कौशल को माना जाता है। उनकी रचनाएँ आज भी कई लोगों की यादों में बसी हुई हैं। इस जोड़ी के अन्य सदस्य राम, यानी सुरेंद्र, थे।

विजय पाटिल का जन्म 16 सितंबर 1942 को नागपुर में हुआ। संगीत के प्रति बचपन से ही उनकी रुचि थी, और उन्होंने पारंपरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा पियानो, अकॉर्डियन और ड्रम्स जैसे विभिन्न वाद्यों पर संगीत साधना की।

उन्होंने 1977 में फिल्म 'एजेंट विनोद' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। हालांकि, सुरेंद्र, जो उनकी जोड़ी के राम थे, की जल्दी मृत्यु हो गई। विजय पाटिल ने 'लक्ष्मण' नाम के साथ आगे बढ़ते हुए रामलक्ष्मण के नाम को जिंदा रखा। 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' ने उन्हें रातोंरात प्रसिद्धि दिलाई।

इस फिल्म में सलमान खान और भाग्यश्री के अभिनय के साथ गाने तेजी से युवा पीढ़ी में लोकप्रिय हो गए। "दिल दीवाना," “कबूतर जा जा जा," “आजा शाम होने आई," “मैंने प्यार किया” और “मेरे सवालों का” जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टी में गूंजते हैं। इस फिल्म के सभी 11 गाने हिट साबित हुए थे।

1994 में रिलीज हुई 'हम आपके हैं कौन..!' ने भी कई लोकप्रिय गाने दिए जैसे “दीदी तेरा देवर दीवाना," “मई नी मई," “जूते दो पैसा लो," “हम आपके हैं कौन," और “वाह वाह राम जी.” इसके बाद 1999 में, 'हम साथ-साथ हैं' ने उनकी जोड़ी की और सराहना की।

रामलक्ष्मण ने लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, उदित नारायण, अलका याग्निक, और कुमार सानू जैसे मशहूर गायकों के साथ काम किया। उनकी रचनाएँ '100 डेज', 'पत्थर के फूल', 'पुलिस पब्लिक', 'मुस्कुराहट' जैसी फिल्मों में अद्भुत साबित हुईं।

विजय पाटिल हमेशा चर्चा में रहना पसंद नहीं करते थे और संगीत को अपनी पहचान मानते थे। 22 मई 2021 को 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, जिससे हर जगह शोक की लहर दौड़ गई।