नई दिल्ली, 23 मई। वर्तमान तेज-तर्रार जीवनशैली में कई लोग लगातार थकावट और सुस्ती का अनुभव करते हैं। उन्हें यह सामान्य लगता है, इसलिए कभी-कभी केवल चीनी वाले पानी का सेवन कर या थोड़ी नींद लेकर वे इस बढ़ती समस्या की अनदेखी कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार थकान और सुस्ती शरीर की ओर से संकेत हो सकते हैं कि कुछ गलत है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों का कारण बन सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की रिपोर्ट के मुताबिक, बार-बार थकान का अनुभव मोटापे और उससे संबंधित बीमारियों का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। यह शरीर को अंदर से कमजोर करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, फैटी लीवर और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
जब शरीर का वजन अनियंत्रित तरीके से बढ़ता है, तो विभिन्न अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे ऊर्जा के स्तर में कमी आती है और व्यक्ति दिनभर थका हुआ महसूस कर सकता है। अस्वस्थ आहार, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और अनियमित नींद इस स्थिति को और बढ़ाते हैं।
यदि आप भी इसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि कुछ आदतों में बदलाव करने से इसका सामना किया जा सकता है। एनएचएम सलाह देता है कि थकान को सामान्य मानने के बजाय इसके कारणों की पहचान करें। कुछ सरल आदतों को अपनाकर आप इससे निजात पा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें अपनाने से हम गंभीर बीमारियों को रोक सकते हैं। यदि थकान के साथ वजन बढ़ना, सांस लेने में कठिनाई या भूख में कमी जैसे लक्षण भी मिलते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। उचित समय पर ध्यान देने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है।
नमक के सेवन को सीमित करें, क्योंकि अधिक नमक रक्तचाप बढ़ाता है और थकान का कारण बनता है। तेल और घी का कम उपयोग करें और संतुलित, कम तेल वाला आहार लें। मीठे पदार्थों की मात्रा सीमित रखें, क्योंकि अधिक चीनी का सेवन मोटापे और डायबिटीज को आमंत्रित करता है। प्रतिदिन व्यायाम करें, जैसे कि कम से कम 30-45 मिनट तेज गति से चलना, योग या अन्य शारीरिक गतिविधियाँ। विशेष रूप से गर्मियों में अधिक पानी पिएं, क्योंकि निर्जलीकरण भी थकान का एक प्रमुख कारण है।