9 साल बाद रफ्तार पकड़ती नजर आ रही भारत की पहली बुलेट ट्रेन, जानिए मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर की लेटेस्ट अपडेट

9 साल बाद रफ्तार पकड़ती नजर आ रही भारत की पहली बुलेट ट्रेन, जानिए मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर की लेटेस्ट अपडेट

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब धीरे-धीरे जमीन पर आकार लेती दिखाई दे रही है। करीब नौ साल पहले शुरू हुआ मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) लंबे समय तक देरी, जमीन अधिग्रहण विवाद और बढ़ती लागत को लेकर चर्चा में रहा, लेकिन अब सरकार का दावा है कि परियोजना ने कई बड़े निर्माण माइलस्टोन पार कर लिए हैं। नई दिल्ली स्थित रेल मंत्रालय की इमारत के गेट नंबर-4 पर लगी एक तस्वीर इन दिनों खास ध्यान खींच रही है। तस्वीर में एक आधुनिक, बेहद तेज रफ्तार और आकर्षक डिजाइन वाली बुलेट ट्रेन हरे-भरे इलाके के बीच ऊंचे ट्रैक पर दौड़ती दिखाई देती है। भले ही यह एक डिजिटल प्रस्तुति हो, लेकिन यह भारत के बुलेट ट्रेन सपने को लेकर सरकार के बढ़ते आत्मविश्वास की झलक भी देती है। सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी थी। अब लगभग नौ साल बाद यह परियोजना तेजी पकड़ती नजर आ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में परियोजना की प्रगति की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में अब तक 349 किलोमीटर वायाडक्ट स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। यह ऊंचा पुलनुमा ढांचा परियोजना का सबसे अहम और महंगा हिस्सा माना जाता है, क्योंकि करीब 90 प्रतिशत ट्रैक जमीन से ऊपर बने एलिवेटेड कॉरिडोर पर होगा। इसके अलावा, 443 किलोमीटर तक पिलर्स यानी बड़े कंक्रीट के खंभे भी तैयार किए जा चुके हैं, जो इस ऊंचे ट्रैक को सहारा देंगे। बिजली व्यवस्था का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 179 किलोमीटर हिस्से में 7,700 से अधिक ओवरहेड इक्विपमेंट मास्ट लगाए जा चुके हैं। परियोजना को लागू करने वाली एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने ट्रैक और सिविल वर्क में भी तेजी लाई है। आबादी वाले इलाकों में शोर कम करने के लिए 288 किलोमीटर हिस्से में 5.7 लाख से ज्यादा नॉइज बैरियर लगाए गए हैं। वहीं, 374 ट्रैक किलोमीटर तक ट्रैक बेड निर्माण पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र का हिस्सा इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण भाग माना जा रहा है। यहां जमीन अधिग्रहण और राजनीतिक विरोध के कारण कई साल तक काम धीमा रहा, लेकिन अब निर्माण में तेजी आई है। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी)...