तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का के. राजन के निधन पर शोक, बोले- 'तमिल सिनेमा उनके योगदान को सदा याद रखेगा'

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का के. राजन के निधन पर शोक, बोले- 'तमिल सिनेमा उनके योगदान को सदा याद रखेगा'

चेन्नई, 18 मई (आईएएनएस)। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और फिल्म वितरक के. राजन का निधन हो गया है। उनकी मृत्यु की खबर ने फिल्म जगत में शोक की लहर पैदा कर दी है। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा, ''के. राजन के निधन की सूचना सुनकर मुझे अत्यंत दुख हुआ। वह तमिल फिल्म उद्योग के एक मजबूत और स्पष्टवादी व्यक्ति थे, जिन्होंने कई दशकों तक सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।''

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ''के. राजन ने हमेशा तमिल फिल्म उद्योग के हितों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने विशेष रूप से छोटे फिल्म निर्माताओं और वितरकों के अधिकारों के लिए हमेशा खुलकर अपनी बात रखी। वह तमिल सिनेमा की दिशा और भविष्य पर अपनी राय बेबाकी से व्यक्त करते थे।'' अपने संदेश में उन्होंने कहा, ''फिल्म उद्योग में कई दशकों तक सक्रिय रहने के दौरान के. राजन के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। तमिल फिल्म इंडस्ट्री उनके कार्य और संघर्ष को कभी नहीं भुला पाएगी।'' मुख्यमंत्री ने उनके परिवार, मित्रों और तमिल सिनेमा से जुड़े सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी प्रकट की। दरअसल, के. राजन के निधन के बाद से लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 85 वर्षीय के. राजन का निधन चेन्नई में हुआ। खबरों में कहा गया है कि उन्होंने आत्महत्या की और अड्यार पुल से नदी में कूद गए। बाद में फायर और रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। के. राजन के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई प्रमुख सितारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया। अभिनेत्री और नेता खुशबू सुंदर ने एक्स पर लिखा, ''यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर है। के. राजन एक सम्मानित और सच्चे इंसान थे। वह हमेशा बिना किसी डर के अपनी बात रखते थे और इंडस्ट्री के मुद्दों पर खुलकर बोलते थे।'' वहीं अभिनेता और राजनेता आर. सरथकुमार ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''1980 के दशक से तमिल सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले के. राजन का अचानक जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'' यदि के. राजन के फिल्म करियर की बात करें, तो उन्होंने 1983 में फिल्म 'ब्रह्मचारीगल' से निर्माता के रूप में अपने सफर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'गणेश सिने आर्ट्स' बैनर के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया। वह केवल निर्माता ही नहीं, बल्कि निर्देशन और अभिनय के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उन्होंने 'उनाचिगल' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया और 'डबल्स', 'अवल पावम', 'माइकल राज', 'थुनिवु' और 'बकासुरन' जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया। --आईएएनएस पीके/पीएम