भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा: राजनाथ सिंह

भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। भारत परमाणु हथियार पहले इस्तेमाल न करने की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है। भारत की नीति हमेशा शांति और जिम्मेदारी पर आधारित रही है, लेकिन भारत किसी भी प्रकार के ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ को स्वीकार नहीं करेगा। यदि कोई देश भारत को परमाणु धमकी देने की कोशिश करेगा, तो भारत उसके सामने झुकने वाला नहीं है। यह बात सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में भारत की परमाणु नीति का जिक्र करते हुए कही। रक्षामंत्री राजनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर दुनिया को देश की सैन्य क्षमता, साहस और निर्णायक शक्ति का परिचय कराया। भारतीय जवानों ने जिस प्रकार अद्भुत पराक्रम दिखाया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का भारत कमजोर नहीं, बल्कि हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र है। सोमवार को हनोई पहुंचे राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय से संवाद के दौरान पाकिस्तान की ओर इशारा किया। रक्षामंत्री ने कहा कि जब-जब भारत के खिलाफ आतंकवाद या अस्थिरता फैलाने की कोशिश हुई है, भारत ने उसका मजबूती से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास करती हैं, लेकिन भारत अब ऐसे प्रयासों को सहन नहीं करेगा। रक्षामंत्री ने कहा कि देश के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कर्तव्य, ईमानदारी और राष्ट्रहित की भावना की होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को कभी केवल पद या प्रतिष्ठा के लिए काम नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर बड़े पदों पर बैठे लोगों को अधिक महत्व दिया जाता है, लेकिन वास्तव में हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाता है, तो वही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अहंकार से बचना चाहिए, क्योंकि अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। विनम्रता, अनुशासन और सेवा की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। भारत की सभ्यता और संस्कृति ने हमेशा मानवता, न्याय और समानता का संदेश दिया है। सरकार का प्रयास है कि विकास और न्याय समाज के हर वर्ग, हर गरीब और हर क्षेत्र तक पहुंचे।