नई दिल्ली, 21 मई। आज के समय में लंबे समय तक बैठकर काम करने और गलत आदतें शरीर को धीरे-धीरे प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भद्रासन एक उपयोगी योगासन है, जो न केवल पैरों और कमर को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाने में मददगार होता है।
यह आसन तितली आसन का एक रूप है, जो मानसिक संतुलन और ध्यान केंद्रित करने के लिए उत्तम माना जाता है। इस आसन पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी टिप्पणी की है। मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन मुख्य रूप से पेल्विक क्षेत्र, जांघों और कमर की मजबूती और लचीलापन बढ़ाने में सहायक है।
भद्रासन करते समय सबसे पहले अपने दोनो पैरों को सीधे आगे फैलाकर, पीठ और कमर को सीधा रखते हुए बैठें।
इस आसन का अभ्यास वास्तव में सरल है। इसके लिए पहले दोनों पैरों को सीधा फैलाकर बैठें और फिर अपने हाथों को नितंबों के निकट जमीन पर रखें। इसके बाद पैरों के तलवों को पास लाएं। फिर गहरी सांस लेते हुए, पैरों के पंजों को अपने हाथों से पकड़ें। उसके बाद, सांस भरते हुए एड़ियों को मूलधारा क्षेत्र के जितना नजदीक लाया जा सके, लाएं। इस स्थिति में 10 से 30 सेकंड तक बने रहें और सामान्य श्वास लेते रहें।
यह आसन आसान है लेकिन शुरुआत में बहुत ज्यादा प्रयास न करें, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। गठिया या गंभीर घुटने के दर्द से पीड़ित व्यक्तियों को इसे करने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इसे करने से पहले योगाचार्य से सलाह लेनी चाहिए।
यह आसन विशेष रूप से महिलाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसके नियमित अभ्यास से मासिक धर्म के दर्द और असहजता में आराम मिल सकता है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान भी, विशेषज्ञों की देखरेख में यह लाभकारी हो सकता है।
गंभीर गठिया (अर्थराइटिस) या साइटिका से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं और जिनके घुटने या टखने में गंभीर दर्द है, उन्हें भी इसे करने से परहेज करना चाहिए।