टच वाला इंडक्शन या बटन वाला? किसमें ज्यादा फायदा? खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर जानें, वरना होगा पछतावा

टच वाला इंडक्शन या बटन वाला? किसमें ज्यादा फायदा? खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर जानें, वरना होगा पछतावा

अगर आप गैस सिलेंडर की बढ़ती दिक्कतों से परेशान होकर इंडक्शन चूल्हा लेने की सोच रहे हैं, तो जल्दबाजी न करें। बाजार में मुख्य रूप से दो तरह के इंडक्शन मिलते हैं—बटन वाले और टच पैनल वाले। दोनों दिखने में भले ही एक जैसे लगें, लेकिन इस्तेमाल के दौरान इनका फर्क साफ नजर आता है।

बटन वाले इंडक्शन: मजबूत और भरोसेमंद विकल्प

बटन वाले इंडक्शन चूल्हे रोजाना के इस्तेमाल के लिए काफी टिकाऊ होते हैं। इनमें फिजिकल बटन होते हैं, जो लंबे समय तक खराब नहीं होते और भारी उपयोग भी आसानी से झेल लेते हैं।

-गीले या तेल वाले हाथों से भी आसानी से काम करते हैं

-इस्तेमाल में आसान, खासकर बुजुर्गों के लिए

-कीमत कम और मेंटेनेंस सस्ता

बटन वाले इंडक्शन की कमियां

जहां ये मजबूत होते हैं, वहीं कुछ कमियां भी हैं:

-बटन के बीच गंदगी जमा हो सकती है

-सफाई में थोड़ी परेशानी होती है

-पानी गिरने पर शॉर्ट-सर्किट का खतरा

-लुक थोड़ा पुराना लगता है

टच पैनल इंडक्शन: मॉडर्न और स्मार्ट फीचर्स से लैस

टच पैनल वाले इंडक्शन दिखने में स्टाइलिश और प्रीमियम होते हैं। इनका कांच वाला टॉप इन्हें साफ करने में आसान बनाता है।

-आसान सफाई, एक बार पोंछने से साफ

-टाइमर, चाइल्ड लॉक, प्री-सेट मोड जैसे फीचर्स

-पूरी तरह सील्ड, पानी गिरने पर कम जोखिम

-हल्के टच से तापमान कंट्रोल

टच इंडक्शन की कमियां

हालांकि, हर चीज की तरह इसमें भी कुछ दिक्कतें हैं:

-कीमत ज्यादा और रिपेयर महंगा

-टच पैनल खराब होने पर पूरा सिस्टम बदलना पड़ सकता है

-गीले या तेल वाले हाथों से सही से काम नहीं करता

आपके लिए कौन सा इंडक्शन सही?

अगर आप टिकाऊ, कम खर्च वाला और आसान इस्तेमाल वाला विकल्प चाहते हैं, तो बटन वाला इंडक्शन बेहतर रहेगा। वहीं, अगर आपको मॉडर्न डिजाइन, स्मार्ट फीचर्स और आसान सफाई चाहिए, तो टच पैनल इंडक्शन आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। आखिर में, सही इंडक्शन वही है जो आपकी जरूरत, बजट और रोजमर्रा के इस्तेमाल के हिसाब से फिट बैठे।