सेना के जवानों को मिलेगा हाईटेक कैंसर ट्रीटमेंट, दिल्ली में लगी नई मशीन

सेना के जवानों को मिलेगा हाईटेक कैंसर ट्रीटमेंट, दिल्ली में लगी नई मशीन

नई दिल्ली, 25 मई। नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में कैंसर के उपचार को और भी प्रभावशील बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अस्पताल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में एक नवीनतम रिंग गैन्ट्री आधारित लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन स्थापित की गई है, जिससे कैंसर का उपचार अधिक सटीक, तेज और उन्नत हो गया है। यह मशीन कैंसर से प्रभावित क्षेत्रों को अत्यधिक सटीकता से लक्षित करती है और इस प्रक्रिया में पास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम क्षति पहुँचाती है। इस नई तकनीक का उद्घाटन सोमवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किया गया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अद्वितीय मशीन सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को अत्याधुनिक कैंसर उपचार देने में सहायक रहेगी। आर्मी हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए यह सुविधा अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे अस्पताल की उपचार क्षमता में वृद्धि होगी और मरीजों को बाहर भेजने की आवश्यकता भी कम होगी। नई लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीकों से लैस है।

इस मशीन के माध्यम से वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी, इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी, इमेज गाइडेड रेडिएशन थेरेपी, स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी जैसी अत्याधुनिक उपचार सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक कैंसर प्रभावित भाग पर बहुत सटीकता से रेडिएशन पहुंचाने में सक्षम है। इससे स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान होगा, जिससे मरीजों के उपचार के परिणामों में सुधार होगा और उपचार के दौरान जटिलताओं की संभावनाएं भी घटेंगी।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अंतर्गत इस नई मशीन की स्थापना पुराने उपकरण की जगह की गई है, जिसे अब सेवा से हटा दिया गया है। यह कदम सेना की चिकित्सा सेवाओं में ऑन्कोलॉजी सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अन्य कैंसर उपचार केंद्रों को भी क्रमिक रूप से आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है।

इस मौके पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।