कमर-कंधे की जकड़न होगी दूर! Ardha Ustrasana से मिलेंगे कई हेल्थ बेनिफिट्स

कमर-कंधे की जकड़न होगी दूर! Ardha Ustrasana से मिलेंगे कई हेल्थ बेनिफिट्स

नई दिल्ली, 23 मई। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर में अकड़न, पीठ दर्द और मानसिक तनाव साधारण समस्याएं बन गई हैं। ऐसे में योग केवल शरीर को ढीला और मजबूत नहीं करता, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। अर्द्धउष्ट्रासन, जो 'हाफ कैमल पोज' के नाम से भी जाना जाता है, इसी श्रेणी में आता है और इसे करने से कई फायदे मिलते हैं। यह आसन विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए लाभदायक है, जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं या जिनके कमर और कंधों में जकड़न होती है।

नियमित रूप से अभ्यास करने से यह रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने, तनाव को कम करने और शरीर को सक्रिय रखने में मददगार साबित होता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इसे शुरुआती स्तर का योगासन बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह आसन शरीर के अग्र भाग (छाती और पेट) को खींचता है और पीठ को मजबूत बनाता है। यह पूर्ण 'उष्ट्रासन' का एक सरल संस्करण है, जिसे आसानी से दैनिक क्रियाकलापों में डाला जा सकता है।

इस आसन को सही तरीके से करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जिससे पाचन तंत्र में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह आसन हृदय चक्र को खोलने में सहायक होता है, जिससे तनाव और चिंता में कमी आती है। कूल्हों, जांघों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे शरीर की कुल ताकत में इजाफा होता है। साथ ही, यह रक्त संचार को सुगम बनाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।

यह आसन शुरुआती और मध्यवर्ती स्तर के अभ्यासियों के लिए उचित है, क्योंकि इसे शारीरिक क्षमताओं के अनुसार सरलता से किया जा सकता है। नियमित अभ्यास से यह आसन न केवल शारीरिक लचीलापन में वृद्धि करता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहित करता है।

हालांकि, जिन व्यक्तियों को हर्निया, आर्थराइटिस (गठिया), चक्कर आने की समस्या, या पेट या पीठ में गंभीर चोट या दर्द है, उन्हें इस आसन से दूर रहना चाहिए। इसके अतिरिक्त, गंभीर हृदय समस्याओं या उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों को भी विशेषज्ञ की सलाह के बिना इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।