नई दिल्ली, 20 मई। हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाता है, जो योग की अहमियत को दर्शाता है। इस दिन के करीब आने पर भारत सरकार का आयुष मंत्रालय जनता को नियमित योग करने की सलाह दे रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, अर्ध मत्स्येंद्रासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली आसन है, जो रीढ़ को मजबूत करता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में कई लोग पीठ के तनाव, कमर दर्द और पाचन से संबंधित परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, शरीर कई बार संकेत देता है कि कुछ गड़बड़ है। यदि पीठ में खिंचाव है, पाचन ठीक नहीं हो रहा या आप लगातार थकान महसूस कर रहे हैं, तो नियमित अर्ध मत्स्येंद्रासन इन समस्याओं से राहत प्रदान कर सकता है।
अर्ध मत्स्येंद्रासन रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाने में सहायक होता है, साथ ही कमर और निचले पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह पाचन में सुधार करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से भी निजात दिलाता है। इस आसन के अभ्यास से पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे पाचन सही तरीके से होता है और शरीर में संतुलन बनाए रखता है। इसके अलावा, यह तनाव को कम करता है, मन को शांति प्रदान करता है और डायबिटीज नियंत्रित करने में मदद करता है।
अर्ध मत्स्येंद्रासन को 'हाफ स्पाइनल ट्विस्ट पोज' भी कहा जाता है। इसमें शरीर को मोड़कर रीढ़ को घुमाया जाता है, जिससे हर रीढ़ की हड्डी को व्यायाम मिलता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से रीढ़ की कमजोरी, धीमी पाचन क्रिया और ब्लड शुगर संबंधित समस्याओं में सुधार होता है।
मंत्रालय सभी आयु वर्ग के लोगों से अनुरोध करता है कि वे इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। हालांकि, कुछ सावधानियों का पालन करना भी आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं, हर्निया या गंभीर रीढ़ की समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को इसे करने से पूर्व चिकित्सक या योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।