आरपी सिंह ने राज्यसभा टिकट बेचने के आरोपों का दिया जवाब, हरभजन सिंह से मामलों का खुलासा करने की अपील

आरपी सिंह ने राज्यसभा टिकट बेचने के आरोपों का दिया जवाब, हरभजन सिंह से मामलों का खुलासा करने की अपील

नई दिल्ली, 23 मई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने शनिवार को आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा टिकट बेचने के आरोप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित विवादास्पद बयान और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। हरभजन सिंह, जो राज्यसभा के सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हैं, ने आम आदमी पार्टी पर टिकट बेचने का आरोप लगाया है। इस पर आर. पी. सिंह ने बताया कि ये मुद्दे पहले भी उठाए जा चुके हैं। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि हरभजन सिंह को अब इस मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता जान सके कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो खुद को ईमानदार बताने में लगे रहते हैं, राज्यसभा भेजने के लिए कितने पैसे लेते थे। यदि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, तो सच्चाई को सामने आना चाहिए।

इसी तरह, ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सात दिन के पुलिस रिमांड में भेजे जाने की घटना पर भी आर. पी. सिंह ने अपने विचार पेश किए। उन्होंने कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठ रहे थे, इसलिए पुलिस ने रिमांड की मांग की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आरोपी जांच में पूर्ण सहयोग करेगा और पुलिस निष्पक्षता से मामले की जांच करेगी।

अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर भी भाजपा प्रवक्ता ने टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नेता मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। आर. पी. सिंह ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया, जो दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में सहायक होगा और व्यापार संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने का अवसर भी देगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों पर भाजपा प्रवक्ता ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और उनके समर्थक लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और यह अब उनकी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा बन गया है।

इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर प्रतिक्रिया में आर. पी. सिंह ने कहा कि बकरीद विशेष रूप से बकरियों की कुर्बानी से संबंधित त्योहार है और गाय की कुर्बानी को कुर्बानी के नाम पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।