आरएमएल अस्पताल में शुरू हुआ देश का पहला इमर्शन कूलिंग सेंटर

आरएमएल अस्पताल में शुरू हुआ देश का पहला इमर्शन कूलिंग सेंटर

नई दिल्ली, 22 मई। देश के कई क्षेत्रों में तीव्र गर्मी और हीटवेव से परेशानियों के बीच, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने हीटस्ट्रोक के उपचार के लिए भारत का पहला ‘इमर्शन कूलिंग’ सुविधा का शुभारंभ किया है। यह एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें मरीज के शरीर को पानी में डालकर जल्दी से ठंडा किया जाता है, जिससे तापमान कम किया जाता है।

यह विशेष ‘हीट वेव सेंटर’ 2024 से कार्यरत है और अन्य अस्पताल भी इसे अपनाने की योजना बना रहे हैं। अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अधीन विकसित की गई है, जो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के तहत काम कर रहा है।

आईएएनएस के साथ बातचीत में डॉ. अजय चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते हीटस्ट्रोक के मामलों में वृद्धि हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए गंभीर गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष ठंडक निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा, "दुनिया भर में इमर्शन कूलिंग को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है, लेकिन भारत में पहले इसे लागू नहीं किया गया था। इसी कारण हम इसे पहली बार आरएमएल अस्पताल में शुरू करने का निर्णय लिया।"

हीट वेव सेंटर में मरीजों के लिए आइस टब, बाथ टब, कूलिंग सिस्टम, पंखे और एयर कंडीशनर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह केंद्र 24 घंटे काम करता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

डॉ. चौहान ने बताया कि गर्मी से संबंधित गंभीर समस्याओं के लिए दो मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है और उन्हें स्वस्थ होकर छुट्टी भी दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि आरएमएल अस्पताल का इमर्शन कूलिंग मॉडल अब अन्य संस्थानों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, क्योंकि हर साल गर्मी का स्तर बढ़ता जा रहा है।

डॉ. चौहान ने हीटवेव के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अत्यावश्यक न हो, तो दोपहर के समय घर से बाहर न जाएं और शरीर में तरल पदार्थ की कमी न होने दें।

उन्होंने लस्सी, छाछ और बेल के शरबत जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की अनुशंसा करते हुए कहा कि इस मौसम में बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखना आवश्यक है।