नई दिल्ली, 23 मई। हाल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अप्रैल में भारतीय शेयर बाजार में कुल 73,639 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो मार्च के मुकाबले काफी अधिक है। इस दौरान एसआईपी के माध्यम से आए अधिकांश फंड्स बड़े शेयरों, यानी लार्ज-कैप कंपनियों में निवेशित किए गए। वैलम कैपिटल की रिपोर्ट में बताया गया है कि निवेशक पीएसयू और बीएफएसआई सेक्टर की वैल्यू स्टॉक्स की ओर आकर्षित हुए, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों से दूरी बनाई।
रिपोर्ट के अनुसार, जब तक व्यापक शेयर बाजार वार्षिक आधार पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाता, भारतीय निवेशक आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय अनुशासित रणनीतियों पर ध्यान दे रहे हैं।
अप्रैल में कुल निवेश 25,931 करोड़ रुपए रहा, जो मार्च से अधिक है। मार्च के अंत में आई अस्थिरता के बाद अप्रैल में विभिन्न एसेट क्लास में निवेश में सुधार दिखा। मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में भारी निकासी के बाद अब फिर से निवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई।
लार्ज-कैप फंड्स में निवेश घटकर 17,756 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले महीने की तुलना में 10,911 करोड़ रुपए कम है।
हालांकि लार्ज-कैप फंड के खराब प्रदर्शन के बावजूद, यह निवेशकों की प्राथमिकता बने रहे। इस वर्ग में साल-दर-साल आधार पर 8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो सभी सेगमेंट में सबसे कम थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, "निवेशक कमजोर प्रदर्शन वाले फंड्स में भी नियमित एसआईपी निवेश जारी रख रहे हैं, जो भारत की परिपक्व होती एसआईपी संस्कृति का संकेत है।"
इक्विटी में डायनामिक रणनीतियों में सबसे बड़ा परिवर्तन देखने को मिला, जहां 15,242 करोड़ रुपए की निकासी के बाद अब 19,755 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। यह सभी इक्विटी श्रेणियों में सबसे बड़ा मासिक परिवर्तन था।
इस परिवर्तन में मुख्य योगदान आर्बिट्राज फंड्स का रहा, जिनकी कुल हिस्सेदारी 33,173 करोड़ रुपए रही। यह बदलाव संस्थागत निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण हुआ।
फैक्टर-आधारित निवेश में केवल 'ग्रोथ' श्रेणी ने सकारात्मक प्रदर्शन किया, जिसने अप्रैल में 2.2 प्रतिशत और साल-दर-साल आधार पर 2.9 प्रतिशत रिटर्न प्रदान किया। इसके साथ ही, इसमें 1,022 करोड़ रुपए का नया निवेश हुआ।
वहीं, फोकस्ड फंड्स में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जहां 1,008 करोड़ रुपए की निकासी हुई।
बीएफएसआई सेक्टर ने अलग-अलग थीम्स में कमजोर प्रदर्शन किया, फिर भी इस क्षेत्र और व्यापक थीमैटिक फंड्स में बड़े स्तर पर निवेश आता रहा।
बीएफएसआई के भीतर कैपिटल मार्केट्स सेगमेंट ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसने साल-दर-साल आधार पर 18.1 प्रतिशत और एक महीने में 7.4 प्रतिशत रिटर्न दिया, जिससे निवेशकों की रुचि में वृद्धि हुई।