समाज कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। अब सभी लेडी सुपरवाइजरों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर खुद पहुंचकर वीडियो कॉल के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
पूर्णिया से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
इस नई व्यवस्था की शुरुआत फिलहाल पूर्णिया जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। विभाग ने साफ किया है कि अगले महीने से इसे पूरे राज्य में सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
डीपीओ को दिए गए सख्त निर्देश
समाज कल्याण विभाग ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को निर्देश दिया है कि वे इस नई व्यवस्था को हर हाल में लागू कराएं।
विभाग का मानना है कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित उपस्थिति, पोषाहार वितरण, बच्चों की देखभाल और अन्य गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी।
गर्मी को देखते हुए बदला गया समय
बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में भी बदलाव करने का निर्देश दिया है।
जिलों को कहा गया है कि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार केंद्रों की टाइमिंग तय करें और पोषाहार वितरण के बाद बच्चों को जल्द घर भेजने की व्यवस्था करें, ताकि उन्हें तेज गर्मी और लू से बचाया जा सके।
पारदर्शिता और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
विभाग की इस नई पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और बच्चों के हित में प्रभावी बनाना है। साथ ही तकनीक के जरिए निगरानी को मजबूत कर केंद्रों के कामकाज में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।