अखिलेश यादव का सरकार पर हमला- पिछड़ों और दलितों के अधिकारों का हनन

अखिलेश यादव का सरकार पर हमला- पिछड़ों और दलितों के अधिकारों का हनन

लखनऊ, 23 मई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीडीए आरक्षण के मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने पिछड़ों और दलितों के आरक्षण को अपने फायदे के लिए हड़प लिया है। उन्होंने बताया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में पिछड़े वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण मिलने की बजाय केवल 3.80 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत की जगह मात्र 16.2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार निजीकरण के जरिए आरक्षण प्रणाली को खत्म करने का षड्यंत्र कर रही है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार ही समाज में सुविधाओं, सम्मान, आरक्षण और सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी की स्थापना का उद्देश्य समाज में फैले असमानताओं को दूर करना था, जबकि भाजपा की आर्थिक नीतियों ने धनी और गरीब के बीच की दूरी को और बढ़ा दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश की आर्थिक संपदा कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में समेटी जा रही है। आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है, लेकिन सरकार की इसके प्रति कोई चिंता नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार का उद्देश्य किसानों, गरीबों और युवाओं के बजाय बड़े व्यापारियों और पूंजीपतियों के हित में काम करना है। भाजपा ने किसानों के भविष्य को कुछ पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रख दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर चौकस रहने का आग्रह किया।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा मतदाता सूची में छेड़छाड़ करने की योजना बना सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संयमित भाषा और व्यवहार अपनाने की सलाह दी और कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने और झूठे आरोपों के माध्यम से जनता को गुमराह करने की कोशिश करेगी, लेकिन इस बार उनकी कोई योजना सफल नहीं होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो सबको एक साथ लेकर चलने में विश्वास करती है और दूसरों के दुखों को अपना समझती है।