Akhilesh Yadav News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी खेमे में जारी सीट शेयरिंग के तनाव पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गठबंधन के सहयोगियों को सीधा और स्पष्ट पैगाम दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि चुनाव में किस दल को कितनी और कौन सी सीटें मिलती हैं, इससे कहीं ज्यादा अहम गठबंधन की निर्णायक फतह तय करना है।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी मंशा जाहिर करते हुए लिखा, मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है! सपा प्रमुख ने कहा कि इस समय कौन कितनी सीटों पर लड़ रहा है, यह बहस का विषय नहीं होना चाहिए। मुख्य प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है।
सांप्रदायिकता और संविधान पर आंच के खिलाफ एकजुटता जरूरी : अखिलेश
अखिलेश ने दोहराया कि बात सीट की नहीं, जीत की है। उन्होंने कहा कि यह संभावित फतह केवल किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उन सभी ताकतों की साझी कोशिशों का परिणाम होगी जो देश में सामाजिक सौहार्द की बहाली के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश में सांप्रदायिक ताकतें दोबारा पैर न पसार सकें और लोकतंत्र, संविधान तथा आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं पर सत्तारूढ़ भाजपा की वजह से कोई आंच न आए।
पिछले चुनाव में कैसा रहा था परिणाम ?
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन नहीं किया था। दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। सपा ने राष्ट्रीय लोकदल (RLD), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP), अपना दल (कमेरावादी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन ने 125 सीटें जीती थीं। सपा के खाते में 111 सीटें आई थीं। वहीं, अकेले चुनाव लड़ी कांग्रेस सिर्फ 2 सीटें जीत सकी थी।