लखनऊ, 23 मई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता अजय राय ने महोबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वायरल वीडियो के संबंध में अपनी शिकायत पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अजय राय ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए वीडियो को पूर्णतः फर्जी और एआई द्वारा निर्मित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक दलित लड़की के साथ हुए दुष्कर्म मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, "महोबा की एक दलित युवती के साथ 16 दिनों तक लगातार दुष्कर्म किया गया। क्रिमिनल्स ने उसे नशे के इंजेक्शन दिए और उसके निजी अंगों को सिगरेट से जलाया। इस मुद्दे को उठाने के लिए मेरे खिलाफ एआई निर्मित वीडियो फैलाया जा रहा है।"
अजय राय ने इस बात पर जोर दिया कि जब वह पीड़िता के घर जाने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस और प्रशासन ने बुंदेलखंड हाईवे पर उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बल तैनात कर दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने विशेष रूप से उन्हें रोकने के लिए पूरी पुलिस ताकत का इस्तेमाल किया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, बृजराज अहिरवार, पुष्पेंद्र सिंह और स्थानीय नेताओं की मदद से वह पीड़िता के घर तक पहुंचने में सफल रहे।
कांग्रेस के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया, "मेरे खिलाफ 10 नहीं, 100 मामले दर्ज कर लो। मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन महोबा की उस दलित लड़की को न्याय दिलाकर रहूंगा। सरकार और पुलिस 16 दिनों तक कहाँ थीं? क्या भाजपा के नेता उस बच्ची के घर गए?"
उन्होंने कहा कि इस मामले पर आवाज उठाने के बजाए भाजपा उन्हें बदनाम करने और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की अपील की है। यह घटना महोबा जिले की है, और कांग्रेस ने इसे सामाजिक न्याय का मुद्दा बनाते हुए सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाया है।
अजय राय ने कहा कि भाजपा के लोग जनता में भ्रम पैदा कर रहे हैं। मेरे खिलाफ कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसका नतीजा जल्द ही सामने आएगा।