रामपुर, 23 मई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान की परेशानियों में कोई कमी नहीं आ रही है। शनिवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दो पैन कार्ड रखने के आरोप में दी गई 7 साल की सजा को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने बढ़ाकर 10 साल कर दिया।
एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे की सजा को बढ़ाने के साथ-साथ जुर्माने की राशि में भी इजाफा किया है। कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की सजा को 7 साल पर कायम रखा, लेकिन उन पर जुर्माना बढ़ा दिया गया। प्रारंभ में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
इस फैसले के बाद दोनों नेताओं की समस्याएं और गंभीर हो गई हैं। दूसरी ओर, भाजपा विधायक आकाश कुमार सक्सेना ने इस कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है।
आकाश सक्सेना ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह दो पैन कार्ड के मामले में ऐतिहासिक निर्णय है। यह फैसला अद्वितीय है, क्योंकि इसमें सजा बढ़ाने की अपील की गई थी और अदालत ने इसे मान लिया। अब्दुल्ला आजम की सजा भी बरकरार है और उन पर जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की वकील सीमा राणा ने बताया कि यह मामला दो पैन कार्ड से संबंधित है। निचली अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ आरोपियों ने सत्र न्यायालय में अपील की थी। उन्होंने कहा कि आजम खान पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें 10 साल की सजा दी गई है। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना था। वहीं, अब्दुल्ला आजम पर करीब 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस मामले में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज की थी। 2019 में सिविल लाइन कोतवाली में यह मामला दर्ज किया गया था। 17 नवंबर 2025 को कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया और 7-7 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 19 नवंबर 2025 को आजम खान ने सजा के खिलाफ अपील की थी, जिसे 20 अप्रैल 2026 को खारिज कर दिया गया।