अमरावती, 20 मई। अदाणी ग्रुप की रिन्यूएबल एनर्जी शाखा अदाणी ग्रीन एनर्जी की सहयोगी अदाणी हाइड्रो एनर्जी इलेवन लिमिटेड (एएचई11एल) आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडप्पा जिले में 2,250 मेगावाट के गंडीकोटा-2 पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) की योजना बना रही है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य की स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण में स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।
यह परियोजना आंध्र प्रदेश की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के अंतर्गत संचालित की जाएगी और यह भारत की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज परियोजनाओं में से एक बनने के साथ-साथ राज्य के भविष्य के ऊर्जा अवसंरचना रणनीति का अहम हिस्सा बनने की संभावना है।
यह योजना मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाले राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) द्वारा स्वीकृत की गई है।
गंडीकोटा-2 का पंप स्टोरेज प्लांट वाईएसआर कडप्पा जिले के लॉर्ड बालाजी डोंथी कोना पीएसपी पार्क में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना से राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है, और यह ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एआई-संचालित डेटा केंद्रों के तेजी से विकसित होते इकोसिस्टम को भी समर्थन प्रदान करेगी।
एक प्रेस बयान में उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, पंप स्टोरेज परियोजनाएं रिन्यूएबल एनर्जी आधारित विद्युत संभारण प्रणाली की नींव मानी जाती हैं। ये परियोजनाएं ऑफ-पीक घंटों में अधिशेष सौर और पवन ऊर्जा को संग्रहित करने और पीक मांग के समय इसे रिलीज़ करने का कार्य करती हैं, जिससे स्थिर स्वच्छ ऊर्जा की निरंतरता बनी रहती है।
भारत में पंप स्टोरेज क्षमता में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश पंप स्टोरेज विकास में प्रमुख केंद्रों में से एक बनकर उभरा है, जहां कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
अदाणी समूह अपनी व्यापक रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी ट्रांजिशन योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में नए परियोजनाओं के साथ अपने राष्ट्रीय पंप स्टोरेज पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहा है।
आंध्र प्रदेश पहले से ही अदाणी समूह के स्वच्छ ऊर्जा निवेशों का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जिसमें पंप स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाएं शामिल हैं।
यह परियोजना आंध्र प्रदेश की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के तहत प्रोत्साहन के लिए पात्र रहेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना और क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन में करीब 7.5 लाख रोजगार सृजन करना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीतिगत स्थिरता, त्वरित मंजूरी प्रक्रिया, मजबूत पारेषण योजनाएं, और औद्योगिक व स्वच्छ ऊर्जा विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के कारण आंध्र प्रदेश भारत के कुछ सबसे बड़े ऊर्जा और अवसंरचना निवेशों को आकर्षित करने में सक्षम है।
गांडीकोटा-2 पीएसपी परियोजना को 72 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।