अभाविप ने डीयू कुलपति को छात्रहितों के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा

अभाविप ने डीयू कुलपति को छात्रहितों के मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा

नई दिल्ली, 22 मई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दिल्ली प्रांत और अभाविप द्वारा संचालित दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने छात्रहित से जुड़े मुद्दों के समाधान हेतु शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। प्रशासन ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए कुछ के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया और अन्य पर शीघ्र कार्रवाई करने का वादा किया।

अभाविप की नीतियों के तहत डूसू ने विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास समेत अन्य छात्रावासों में निवास कर रही छात्राओं की समस्याओं पर विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय की अंतिम सेमेस्टर परीक्षाएं जून तक चल रही हैं और इस दौरान यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं भी होंगी। ऐसे में छात्राओं को छात्रावास खाली करने के लिए दबाव डालना न केवल अनुचित है, बल्कि उनके शैक्षणिक भविष्य, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी चिंताजनक है। अभाविप की कोशिशों के बाद प्रशासन ने अंतिम वर्ष की छात्राओं को 30 जून 2026 तक छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी है।

इसके अलावा, परिषद ने पीजी प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों के समक्ष आ रही तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। अभाविप ने बताया कि कई छात्रावासों में छात्राओं पर दबाव बनाने के लिए पानी और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं बाधित की जा रही हैं, अध्ययन कक्ष बंद किए जा रहे हैं और आर्थिक दंड लगाने की धमकियां दी जा रही हैं। परिषद ने इसे छात्राओं के साथ संस्थागत उत्पीड़न करार देते हुए तत्काल रोकने की मांग की।

अभाविप के दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के हर निर्णय को छात्रहित, पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांत के आधार पर लिया जाना चाहिए। अभाविप लगातार छात्रों के अधिकारों, गरिमा और शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी और छात्रहित से जुड़े सभी मुद्दों को गंभीरता से उठाएगी।