दिल्ली की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से आरोपों का सिलसिला बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए देश में तेल और गैस की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि कई क्षेत्रों में चिंताजनक हालात दिखाई दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इससे संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। केजरीवाल ने पूछा कि सरकार के पास तेल और गैस का कितना भंडार है, यह कितने दिनों तक चलेगा और नया भंडार कब तक आने की उम्मीद है।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि सरकार की चुप्पी से लोगों में भ्रम और भय का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि अफवाहों का बाजार गर्म है और जनता चिंतित है, लेकिन सरकार का कहीं कोई अता-पता नहीं है। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यों और शब्दों में विरोधाभास है। झा ने बताया कि मुख्यमंत्री एक ओर लोगों से बचत करने की अपील कर रही हैं, जबकि खुद छोटे-छोटे कार्यक्रमों के लिए एलजी हाउस तक पैदल जाने का प्रयास कर रही हैं, जो कि सिर्फ 180 मीटर की दूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि बुराड़ी विधानसभा के मुखमेलपुर गांव में एक पार्क के उद्घाटन लिए कई कॉलोनियों से लोगों को बसों और गाड़ियों में भरकर लाया गया। झा के अनुसार, उस पार्क का प्रस्ताव अरविंद केजरीवाल की सरकार में रखा गया था, परंतु मौजूदा सरकार ने इसे पूरा करने में डेढ़ साल लगाकर रख दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में सैकड़ों गाड़ियों और बसों का उपयोग क्या फिजूलखर्ची नहीं है। झा ने व्यंग्य करते हुए कहा, “हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और।” उनका आरोप था कि जबकि जनता को ऑनलाइन पढ़ाई और घर से कार्य करने की सलाह दी जाती है, सरकारी कार्यक्रमों में भारी भीड़ इकट्ठी करके राजनीतिक प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है।