केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। आयोग के गठन को करीब 10 महीने बीत चुके हैं और इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके संगठनों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है। इसके बावजूद अभी तक नए वेतन ढांचे, फिटमेंट फैक्टर, डीए या एचआरए को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
लगातार हो रही हैं बैठकें
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। इस अवधि का बड़ा हिस्सा अब बीत चुका है, लेकिन आयोग अभी भी हितधारकों से सुझाव और मांगें जुटाने के चरण में है। हाल ही में 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में आयोग की बैठक हुई। इससे पहले चेन्नई, पुडुचेरी, दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता और जम्मू समेत कई जगहों पर कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों के साथ चर्चा की जा चुकी है। अगली प्रमुख बैठक अक्टूबर में बेंगलुरु में प्रस्तावित है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
कर्मचारियों के बीच इस समय फिटमेंट फैक्टर को लेकर सबसे अधिक चर्चा है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने अलग-अलग आंकड़ों के साथ अपनी मांगें रखी हैं। कुछ संगठनों ने इसे करीब 4 तक रखने की मांग की है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को संशोधित वेतन में बदला जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का मौजूदा बेसिक 18,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2 रखा जाता है, तो संशोधित बेसिक 36,000 रुपये होगा। हालांकि, यह सिर्फ समझाने के लिए उदाहरण है। 8वें वेतन आयोग ने अभी कोई फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है।
DA को लेकर भी उठी मांग
महंगाई भत्ते यानी DA को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने बदलाव की मांग रखी है। कुछ संगठनों का कहना है कि जब DA एक निश्चित स्तर, जैसे 25 फीसदी, तक पहुंच जाए तो उसे बेसिक पे में मर्ज किया जाना चाहिए। इसके अलावा DA की गणना और संशोधन के तरीके में बदलाव की मांग भी सामने आई है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में DA से जुड़े किसी नए नियम को 8वें वेतन आयोग ने अभी मंजूरी नहीं दी है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर चल रहे संभावित आंकड़ों को आधिकारिक फैसला मानना सही नहीं होगा।
HRA में बढ़ोतरी की उम्मीद
हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA भी 8वें वेतन आयोग के सामने चर्चा का अहम विषय है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि नए वेतन ढांचे के साथ आवास भत्ते में भी उचित बदलाव किया जाए। HRA सीधे बेसिक पे से जुड़ा होता है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर और नए वेतनमान में बदलाव होने पर कर्मचारियों के कुल वेतन पर इसका असर पड़ सकता है। लेकिन अभी नए HRA की दरों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कब तक आ सकता है नया वेतन ढांचा?
8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी फिलहाल आयोग के पास अपनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए करीब आठ महीने का समय बाकी है। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि आयोग खुद अंतिम वेतन लागू नहीं करता। वह अपनी सिफारिशें सरकार को देता है और उसके बाद केंद्र सरकार इन सिफारिशों पर निर्णय लेकर लागू करने से जुड़े आदेश जारी करती है। इसलिए अभी फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, HRA या अन्य भत्तों को लेकर सामने आ रहे आंकड़ों को संभावित मांग या अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए।
कर्मचारियों को अभी कितना इंतजार?
फिलहाल 8वां वेतन आयोग सलाह-मशवरे और सुझाव जुटाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में अलग-अलग राज्यों और संगठनों के साथ बैठकें जारी रहने की संभावना है। इसके बाद आयोग तमाम सुझावों और उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन करके अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि फिटमेंट फैक्टर, DA और HRA से जुड़े अंतिम आंकड़े अभी तय नहीं हुए हैं। किसी भी बदलाव की आधिकारिक जानकारी सरकार या आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगी।