2026 के एसएमसी दिशानिर्देश निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं होंगे: शिक्षा मंत्रालय

2026 के एसएमसी दिशानिर्देश निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं होंगे: शिक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली, 21 मई। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के दिशा-निर्देश निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों पर अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगे। यह उन विद्यालयों के लिए है जो अपने संचालन के लिए केंद्र, राज्य या किसी स्थानीय निकाय से कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं करते हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में स्कूलों के संचालन के लिए एसएमसी दिशानिर्देश 2026 जारी किए हैं, जिसके तहत समिति को विद्यालय प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसके अंतर्गत विद्यालय की विकास योजना बनाई जाएगी और शैक्षणिक गुणवत्ता की देखरेख भी इसी समिति द्वारा की जाएगी। यह समिति वित्तीय प्रबंधन और सामाजिक लेखा-परीक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। मंत्रालय का यह प्रयास विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि हालाँकि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल इन दिशानिर्देशों के अंतर्गत बाध्य नहीं होते, फिर भी उन्हें बेहतर प्रशासन और सहभागिता को मजबूत करने के लिए स्वेच्छा से एसएमसी का गठन करने को प्रेरित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन समितियाँ अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के बीच संवाद और सहयोग को बेहतर करने का एक प्रभावी साधन बन सकती हैं। इससे स्कूलों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और शैक्षणिक वातावरण में सुधार होगा, जिससे बच्चों के सीखने के स्तर में भी वृद्धि होगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस समिति में विद्यार्थियों के अभिभावक, स्थानीय प्राधिकरण के प्रतिनिधि, शिक्षक, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, पूर्व विद्यार्थी, वंचित समुदायों के सदस्य और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल होंगे। मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्कूल प्रबंधन समितियों की सक्रियता से बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा, अनुशासन और शिक्षण परिणामों में सुधार में सहायक होगा। स्थानीय स्तर पर शिक्षा से जुड़े निर्णयों में समुदाय की भागीदारी बढ़ने से विद्यालयों में लोगों का विश्वास और जुड़ाव भी मजबूत होगा।

इस बीच, 'स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशानिर्देश 2026' पर कुछ सवाल उठाए जा रहे हैं। निजी और प्राइवेट स्कूलों ने इन समितियों के संबंध में चिंताओं का इजहार किया है। विभिन्न वर्गों से आई इन चिंताओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आरटीई की धारा 2(एन)(4) के तहत आने वाले गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए एसएमसी का गठन अनिवार्य नहीं है।

यह ध्यान देने योग्य है कि एसएमसी दिशानिर्देश 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विकसित किया गया है। इन दिशानिर्देशों में विद्यालय विकास योजना, नियमित बैठकों का आयोजन, अभिभावकों की भागीदारी और विद्यालय प्रशासन की पारदर्शिता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।